बिहार में कंगना रनौत पर क्यों हुआ केस?

पटना: फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत अपनी फिल्मों से अधिक दूसरे कारणों से चर्चा में रहती हैं। इन दिनों कंगना रनौत बिहार में उन पर हुए केस को लेकर चर्चा में हैं। लेकिन सवाल यह है कि कंगना पर ये केस किसने किया और क्यों किया? हम आपको बताते हैं कि कंगना रनौत पर पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा ने केस दर्ज किया है। दरअसल कंगना रनौत ने एक ट्वीट किया था जिसमें उपेंद्र कुशवाहा की तस्वीर भी थी। यह फोटो विधान सभा चुनाव के दौरान एक कार्यक्रम की है। उस फोटो को शेयर करते हुए कंगना ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

इस पूरे मामले पर रालोसपा का क्या कहना है, आईए जानते हैं। रालोसपा ने बयान जारी कर कहा है:

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) अभिनेत्री कंगना रनौत के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति दर्ज करती है. रालोसपा ने कहा कि कगंना के इस ट्वीट से न सिर्फ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का अपमान हुआ है बल्कि पार्टी ने इस अमर्यादित टिपण्णी को देश और समाज में नफरत फैलाने वाला बताया है.

कंगना की मानसिकता

रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता फजल इमाम मल्लिक ने कहा कि इस ट्वीट से कंगना की ओछी मानसिकता का पता चलता है जो सस्ती लोकप्रियता के लिए सोशल मीडिया पर इस तरह का पाखंड करती हैं. मल्लिक ने कहा कि इस ट्वीट से पार्टी के लाखों कार्यकर्ता आहत हुए हैं. कंगना रनौत के इस अभद्र और अमर्यादित अभियान को पार्टी ने गंभीरता से लिया और कंगना रनौत और ट्वीटर इंडिया के खिलाफ पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आईपीसी की धारा 501 (क), 502 क और 505 व आईटी ऐक्ट की धारा 66 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया है. पार्टी के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता श्याम बिहारी सिंह ने कंगना रनौत पर मुकदमा दर्ज किया है.

क्या है मामला?

कंगना ने 3 दिसंबर. 2020 को न्यू स्टार इन टुकड़े-टुकड़े गैंग के तहत उपेंद्र कुशवाहा की एक चुनावी सभा की तसवीर को अपने ट्वीटर हैंडिल से साझा किया था. उस ट्वीट में उपेंद्र कुशवाहा व दूसरे नेताओं को आजाद कशमीर, लिबरल, जिहादी, अर्बन नक्सल व खालिस्तानी बताया गया है. कंगना के इस ट्वीट को करीब पांच हजार लोगों ने रिट्वीट किया, छह हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी और 37 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे देखा. जाहिर है कि इतने लोगों के बीच उपेंद्र कुशवाहा की गलत तसवीर को पेश की गई और समाज में नफरत फैलाने की कोशिश की गई. इस तरह के ट्वीट से यह आशंका भी है कि उपेंद्र कुशवाहा और दूसरे नेताओं के खिलाफ लोग हिंसक हो उठें.

कुशवाहा की आपत्ति

अगले दिन रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट कर कंगना रनौत के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति दर्ज की थी.
उपेंद्र कुशवाहा ने कंगना रनौत पर रालोसपा की एक चुनावी सभा की तस्वीर के दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया था कि रालोसपा की चुनावी सभा की तस्वीर का दुरुपयोग करने से क्या कंगना रनौत को राजनीति की पाठशाला में प्रवेश मिल जाएगा? उपेंद्र कुशवाहा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि कंगना रनौत, क्या आपको इतनी समझ है. यो यो फन्नी सिंह (Yo Yo Funny Singh) नाम के ट्विटर अकांउट से रालोसपा की चुनावी सभा की एक तस्वीर को शेयर किया गया था. बाद में कंगना ने अपने ट्विटर हैंडिल से इसे रिट्वीट किया था. जिस पर उपेंद्र कुशवाहा ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए डीजीपी बिहार, डीजीपी महाराष्ट्र व मुंबई पुलिस को टैग कर इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया था. 4 दिसंबर को ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता फजल इमाम मल्लिक ने दो अलग-अलग ट्वीट कर इसकी शिकायत बिहार व महाराष्ट्र के पुलिस अधिकारियों और ट्वीटर इंडिया के अधिकारियों महिमा कौल और मनीष माहेश्वरी से की थी. लेकिन न तो ट्वीटर ने और न ही कंगना ने इस ट्वीट को लेकर खेद व्यक्त किया. पुलिस ने भी इस पर संज्ञान नहीं लिया तो श्याम बिहारी सिंह ने सिविल कोर्ट में कंगना रनौत व ट्वीटर के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. मल्लिक ने बताया कि कंगना के खिलाफ गया में भी मुकदमा हुआ है और प्रदेश के सभी जिलों में विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारी मुकदमा दर्ज करेंगे. श्याम बिहारी सिंह ने अपने आवेदन में कहा कि कंगना के इस ट्वीट से पार्टी प्रमुख का अपमान हुआ है. सिंह का कहना है कि कंगना ने न सिर्फ उपेंद्र कुशवाहा की छवि को खराब किया बल्कि देश की संवैधानिक व्यवस्था का मखौल भी उड़ाया क्योंकि रालोसपा एक सियासी पार्टी है और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान है. कंगना के इस अभियान से उपेंद्र कुशवाहा और पार्टी की छवि धूमिल हुई है.

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