वेतन की मांग कर रहे वार्ड सचिवों पर पटना में लाठीचार्ज

बिहार में सरकार से वेतन मांगने की सोच रहे हैं तो जरा उन वार्ड सचिवों का हाल जान लें जिन पर गुरुवार को पटना में लाठीचार्ज की गई।

 

पटना: बिहार के विभिन्न हिस्सों से आए पंचायत वार्ड सचिव राजधानी पटना के कारगिल चौक से प्रदर्शन करते हुए विधानसभा का घेराव करने के लिए आगे बढ़ना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। चार साल से वेतन नहीं मिलने से आक्रोशित पंचायत वार्ड सचिवों को उम्मीद थी कि विधानसभा का घेराव करने पर उन्हें न केवल काम करने की मजदूरी मिल जाएगी, बल्कि सरकार नौकरी पक्की करके उनका मानदेय भी तय कर देगी। लेकिन अपनी मांगों को लेकर वार्ड सचिवों का जत्था जैसे ही कारगिल चौक से विधानसभा की ओर बढ़ने लगा, मौके पर पहले ही से मौजूद पुलिस ने उन्हें रोकना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी जब मानने के लिए तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने पहले पानी की बौछार की लेकिन जब उससे भी बात नहीं बनी तो फिर उसने लाठीचार्ज कर दी।

पंचायत वार्ड सचिवों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बेरहमी से पीटा। उन्होंने इस घटना के बाद राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से मुलाकात की। राजद नेता ने कहा कि वार्ड सचिवों की मांगें उचित हैं। सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए। जगदानंद सिंह ने इस के साथ ही कहा कि नीतीश सरकार जनता की बात सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसाने में विश्वास करती है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने वार्ड सचिवों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी जनता के साथ है। याद रहे कि बिहार में एक लाख 14 हजार 691 वार्ड सचिव कार्यरत हैं। चार साल से अधिक समय से उनसे नल जल योजना और सात निश्चय के तहत दूसरे विकास कार्य करवाए गए, लेकिन वेतन का भुगतान नहीं किया गया।

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